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आँख क्यों चुराती हो,

"राधा रूठी बैठी हैं ।" हिंदी कविता

ग़ज़ल: वो जो मेरा था, अब मेरा ना रहा – एक अधूरी मोहब्बत की ग़ज़लकभी वो मेरी सांसों का हिस्सा था,आज उसकी याद भी सलीके से दफन करनी पड़ी।रिश्ते जब टूटते हैं, तो सिर्फ आवाज़ नहीं आती...