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बिहार की झिझिया: इतिहास, महत्व और नवरात्रि में मनाने की परंपरा

बिहार की झिझिया: नवरात्रि में मिट्टी के घड़े में क्यों जलाया जाता है दीपक? जानिए इतिहास और महत्व प्रस्तावना भारत की संस्कृति अनेक रंगों और परंपराओं से मिलकर बनी है। यहाँ हर त्योहार के पीछे कोई न कोई धार्मिक आस्था, सामाजिक संदेश या ऐतिहासिक परंपरा जुड़ी हुई है। बिहार की धरती भी अपनी समृद्ध लोकसंस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। छठ पूजा, सामा-चकेवा और मधुबनी चित्रकला की तरह यहाँ की एक अनूठी लोकपरंपरा है— झिझिया लोकनृत्य।  पर बात करें झिझिया कि तो बिहार के कई जिलों से झिझिया परंपरा लुप्त हो रही है। इस बार हमारे गाँव में झिझिया देखने को नहीं मिला, अगर ऐसे ही रहा तो ये परंपरा धीरे धीरे पूरी तरह से लुप्त हो जायेगी।       https://superindiastory.blogspot.com/2026/07/blog-post.html झिझिया विशेष रूप से बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र में शारदीय नवरात्रि के दौरान देखने को मिलता है। इस परंपरा में महिलाएँ अपने सिर पर छेददार मिट्टी का घड़ा रखती हैं। घड़े के भीतर दीपक जलता है और उसके छेदों से निकलने वाली रोशनी रात के अँधेरे में अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करती है। महिलाएँ लोकगीत गा...

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