“बिना ख्वाब, बिना यादों की जिंदगी” हिंदी कविता
जिस ज़िंदगी में न हो कोई ख्वाबों का बसेरा,
ना बीते लम्हों की कोई हल्की-सी सवेरा।
वो ज़िंदगी जैसे रेत हो सूखे नदी का,
ना गहराई,ना किनारा कोई, ना साज़ हो, ना सबेरा।
धड़कन बस चलती है, पर धड़कती नहीं,
हर लम्हा गुजरता है, पर ठहरता नहीं।
जैसे कोई पन्ना हो किताब का,
कोरा-सफेद,जिस पर ना कोई दास्तां हो,
ना कहानी, ना इश्क़ का गीत कोई ।
सपना वो आईना है, जो सच्चाई से सुंदर होती है,
टूट भी जाएं तो आँखों में चमक छोड़ जाती है।
जो ज़िंदगी से कहते हैं, "चल, और कुछ देख लें",
वरना ये वजूद भी किसी कैदख़ाने-
जैसी एक रेखा होती है।
और यादें… वादें तो रूह का संगीत है,
चाहे दर्द का हों, या हों किसी हँसी की रीत।
वो पुरानी गलियों की खुशबू, वो छत पर बैठा चाँद,
वो तपती दोपहरें, वो अधूरी मुलाक़ातें , वो वादे जो है अदब।
बिना इन दोनों के, क्या बचेगा पास?
एक चलती हुई साँस, पर कोई जज़्बात नहीं,
ना ही कोई एहसास?
ना अतीत का सहारा, ना भविष्य का जूनून,
बस आज की खाली दोपहरी,
और अंदर एक सूनापन सा रूप।
ऐसी ज़िंदगी जीकर भी क्या पाना है?
ये तो इक परछाईं है, जिसे हर पल मिट जाना है।
ना कोई रंग, ना रोशनी, ना परवाज़ कोई,
बस इक ठहरा हुआ समुंदर है,
बिन लहर, बिन करम, ना सरगम कोई।
तो ऐ ज़िंदगी, मुझसे ये न मांग
कि मैं तुझे बिना ख्वाब के भी गले लगाऊँ।
या तुझे बिना यादों के अपना कह पाऊँ।
तू अगर सच में मेरा होना चाहती है,
तो मेरी नींदों में उतर, मेरे अतीत को गले लगा।
क्योंकि ख्वाबों और यादों के बिना,
ज़िंदगी बस एक शोर है, जो कभी सुना नहीं जाता,
एक रास्ता है, जो कहीं नहीं जाता।
एक मौन सज़ा है,
जिससे कोई जुर्म नहीं बताया जाता।
तो उठ ये जिंदगी, एक रंग सजा,
समेत लो सारी खुशियां
कोई मीठे गीतों का धुन बजा।
कल का किसे क्या पता,
जिंदगी खुशियों से भर जाए, या
जिंदगी लगे इक सजा।
किसी मोड़ पर अगर मिले गम,
तो उन पलों को याद कर के
जी लेंगे हम।
ये जिंदगी ना शिकवा होगा कभी तुमसे,
खुशी ज्यादा मिले या कम।
हर राह में, हर मोड़ पर जी लेंगे हम।
संयोग कुमार ठाकुर
http://superindiastory.blogspot.com/2025/05/blog-post_370.html
👍💬"अगर इस कविता ने आपके दिल को छुआ हो, तो एक छोटा सा 'दिल' या 'हाँ' कमेंट ज़रूर करें।
आपके एक कमेंट से पता चलेगा कि हम अकेले नहीं हैं,
जिन्हें ख्वाबों और यादों की ज़रूरत होती है ज़िंदा रहने के लिए।
आपका एक शब्द, किसी के टूटे हुए दिन को जोड़ सकता है।"
धन्यवाद ...........
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