"ऑपरेशन सिंदूर" Operation Sindoor. hindi poetry
ऑपरेशन सिंदूर
ये तेरा बुजदिली रहा।
रणभूमि में अब बजेगा शंखनाद, सुन पाकिस्तान ये एक औरत की ललकार है।
तेरा अंत निश्चित है, पाकिस्तान तेरी अब हार है।
जिसे समझा था वो चूड़ी, बिंदी और कंगन वाला देश,
सुन लो पाकिस्तान , अब नही बच पाएगा तेरा अवशेष।
जिसने छेड़ी है आग हमारे आँचल की हवाओं से,
उसी की राख उड़ाएँगे अब हम अपनी साँसों से।
"ऑपरेशन सिंदूर" है ये, नारी शक्ति का जयघोष है,
अब न झुकेगा भारत माँ का शीश, यही संकल्प ओज है।
ये सिंदूर है उन वीरांगनाओं का,
जो सीमा पर पति खोकर भी रोती नहीं हैं।
जो बेटे तिरंगे में लिपट कर आएं,
तो उन्हें गर्व से अग्नि देतीं हैं।
तू सोचता है पाकिस्तान, कि दम तोड़ देंगे चुप रहकर?
अब कान खोलकर सुन ले, जवाब मिलेगा लहू बहाकर।
तू भेजेगा सौ, हम हज़ार लेकर आएंगे,
तेरे हर नापाक इरादे को हम पाकिस्तान में ही दफनाकर जायेंगे।
हमें ललकारा, अब तू भुगतेगा
ये भारत है, घर में घुसकर मारता है।
जो सिंदूर मांग में लहराता है,
वही लाल रंग जंग में भी बरसता है।
ना ये ऑपरेशन है ना ये सिर्फ़ एक योजना है,
ये भारत माँ का प्रतिशोध है।
जिस दिन बहनों की आँखें लाल हो जाएं,
उस दिन दुश्मन का अंत निश्चित होता है।
अब हमारी चुप्पी मत आंक कमज़ोरी में,
हर चुटकी सिंदूर की सौ सौ बंदूक की गोली तेरे सीने में।
हम नारी हैं, ममता भी है और रणचंडी भी,
तेरे जैसे धोखेबाज़ को इतिहास में मिटा देंगे अभी।
संयोग कुमार ठाकुर
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें