"नैनों के मोती"pearls of eyes. Hindi poetry

     👌😰  नैनों के मोती। 

नैनों के मोती झिलमिल झरते हैं,
चुपके-चुपके से दिल में भरते हैं।
बोल भी न पाए तुमसे, पर  
धीरे से कह गए मन को,
और मन की गहराइयों में रह गए,
नैनों के मोती झिलमिल झरते रह गए,

नीर से भी पावन नैनों की भाषा,
हर अश्रु में छुपी है एक नई आशा।
कभी पीर बनके बह निकले,
कभी हर्ष में मोती बन के चमके।

काजल की सीमा लांघ चले जब,
बहते - बहते मन की वेदना कह गए।
कोई समझे तो नैनों की बातें,
वरना बहते - बहते बीत जाएं रातें।

इन मोतियों में छुपी एक प्रेम कहानी,
कभी अधूरी, और कहीं पुरानी।
छू लो इन्हें, समझ सको अगर ,
इनमें छिपा हर सुख-दुख की कहानी।

विरह की बेला में टपके जो बूँद- बूँद,
हर एक कण में बसी प्रीतम की गूंज।
मिलन की घड़ी में जो लहराए,
उन्हीं से जीवन के रंग सजाए।
कभी माँ के मन की चिंता बनके,
कभी बेटी के स्वप्नों में ढलके।
कभी पत्नी की मौन शिकायत,
तो कभी बहन की स्नेह भरी बातों से छलके।
वो नैनों की मोती बड़े अनमोल हैं 
जो नैनों के मोती झिलमिल झरते हैं।

ये नैनों के मोती सच कहते हैं,
झूठ की परछाई से डरते हैं।
ना किसी आभूषण की जरूरत है इन्हें,
ना किसी शब्दों की भव्यता।

ये जब गिरते हैं बूँद- बूँद,
तो धरती भी कांप उठती है ,
तब आकाश की भी दृष्टि मिलती है।
एक अश्रु में कितना कुछ होता है,
जब सारा संसार उसमें रोता है।

प्रेम, तड़प, आस, विश्वास,
हर भावना इसके है पास।
जो नयन बोले बिन भी शोर करे,
उनमें ही छुपी है सच्ची राज़।

मत समझो इनको कमज़ोर,
यही तो आत्मा के हैं स्वर अनमोल।
नैनों के मोती को जो भी समझे,
वो ही सच्चा प्रेम पारखी।
 👍💬💜 http://superindiastory.blogspot.com/2025/03/yes-i-am-writer-hindi-and-english.html                          
                              संयोग कुमार ठाकुर 

टिप्पणियाँ

लोकप्रिय पोस्ट