"रातें निंदिया हराम भईल बा।" भोजपुरी सॉन्ग
रातें निंदिया हराम भईल बा।
तोहार याद में जान बेहाल भईल बा।
छाँव में बइठल बानी,
तोहरे बिना बाटे मनवा उदास ।
रातें निंदिया हराम भईल बा,
रात ना कटे अब तन्हाई में,
तोहर नाम बा सास के रुमझुमाई में।
काहे ना तू सुनेलु बात हमार,
दिल रोवत बा रही आह में।
तोहरे बिना बाटे मनवा उदास ।
रातें निंदिया हराम भईल बा,
चिढ़ावत रहे रात तकिया ,
आँखिया में रात नींदों ना आवे।
मोबाइल के स्क्रीन ताकत रहनी,
तोहर फोन के आस लगवले रहनी।
तोहरे बिना बाटे मनवा उदास ।
रातें निंदिया हराम भईल बा,
तकिया पर तोहार खुशबू खोजत बानी,
फोन के स्क्रीन में तोहरा के देखत बानी।
दिल बुझाइल दीप जइसन जलत बा,
तोहर चुप्पी में दर्द छलकत बा।
तोहरे बिना बाटे मनवा उदास ।
रातें निंदिया हराम भईल बा,
संयोग कुमार ठाकुर
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