Rangila hindi poetry
रंगीला
रंगों से भरा, हँसी का मेला,
खुशियों का बादल, सपनों का रेला।
जहाँ भी जाता, रंग बिखेरता,
हर दिल को अपनी रंग में रंग देता।
सूरज की किरणों में सुनहरी आभा,
होली के रंग में आ रंग जा।
हवा भी गुनगुनाती उसके संग,
चाँदनी में घोलता प्रेम का रंग।
हर मौसम उसका दीवाना,
हर कोई चाहे रंग जाना।
रंगीला जो आया मुस्कान लिए,
चेहरे पे रंग हाथों में गुलाल
आया रे आया रंगीला नंदलाल ।
होली खेलन को.......
संयोग कुमार ठाकुर
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