"Madhukaamini" Hindi poetry
तेरी आँखों में बसी है
चाँदनी की एक कहानी,
तेरी साँसों में महकती है ,
मधुरता की रानी।
हे मधुकामिनी, तू है सपनों की परछाई,
जैसे तारों के आँचल में ,
चुपके से रात आई।
तेरी हँसी में घुली है ,
कोयल की मीठी तान।
तेरे स्पर्श में है ,
जैसे प्रेम का अनजान।
हे मधुकामिनी, तू स्नेह की वह बरसात है,
जो हर दिल में जगा दे अनकही सौगात।
तेरी गूँज में बसी है एक अमर रागिनी,
सृष्टि के हर सुर में तेरी मधुर वाणी।
हे मधुकामिनी, तू सौंदर्य का रूप है,
स्नेह, करुणा और प्रेम का अनूप है।
संयोग कुमार ठाकुर
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