मुझे दिखा दे रास्ता कोई – एक मुसाफ़िर की अधूरी तलाश
🌙 मुझे दिखा दे रास्ता कोई…
कभी-कभी जिंदगी हमें ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर देती है, जहाँ न रास्ता साफ़ दिखता है और न ही मंज़िल का कोई पता होता है। बस दिल में एक ही ख्वाहिश रहती है—किसी अपने तक पहुँचने की, किसी नए मित्र से मिलने की।
मुझे दिखा दे रास्ता कोई ।
मुझे दिखा दे रास्ता कोई,
या दिखा दे चेहरा महबूब का ।
सुकूं मिलता नही है मुझे,
कोई है जो पता बता दे मेरे महबुब का ।
जब रखा था कदम तेरे दर पे ,
जिंदगी जीने का मज़ा आया,
मै ढुढ़ता हूँ उसे .. ये जिंदगी..
जिसे तेरी महफिल में नही पाया,
मुझे उससे मिला दे,
या पता बता दे, मेरे महबूब का ।
तेरी तलास में छोड़ आया
वो घर, वो गलियाँ गाँव की ।
रख दिये वो हथियार हमने,
जो लेकर घुमा करता था साथ कभी,
अब निकला हूँ घर से,
कोरा कागज और कलम लेकर
कोई तो होगा जो
पता बता दे मेरे महबूब का ।
कभी धुआँ उठता था मेरे घर से,
अब आवाज भी दबी - दबी सी है।
मै खामोश हुँ कितना
ज़रा देखो तो सही,
जिंदगी तुम्हारे बीना कितना कम है।
मै रहता हूँ उदास हमेशा ,
मेरी आँखे नम सी है ।
अब तो दुनियाँ भी करती है
मुझको बदनाम,
मुझे ये भी याद नही ,
क्या है मेरा नाम ?
ना तुम मिले ना पता तेरा '
है उम्मीद मुझे,
होगा कही ना कही बसेरा तेरा ।
नही जानता कोई संयोग यहाँ ,
न जाने मेरी जिंदगी मिलेगी कहाँ ?
ये मुसाफिर चलता चला जा,
तेरी मंजील है जहाँ ।
💧❤️ तलाश एक चेहरे की
मुझे दिखा दे रास्ता कोई,
या दिखा दे चेहरा महबूब का।
सुकूं मिलता नहीं है मुझे,
कोई है जो पता बता दे मेरे महबूब का।
यह सिर्फ शब्द नहीं , किसी के बेचैन दिल की आवाज है। जब इंसान मोहब्बत में होता है, तो उसे पूरी दुनिया अधूरी लगने लगती है।
🌿 एक मुलाकात की याद
जब रखा था कदम तेरे दर पे,
जिंदगी जीने का मज़ा आया।
वो एक पल, वो एक एहसास, जो पूरी जिंदगी बदल देता है। लेकिन जब वही एहसास फिर नहीं मिलता, तो इंसान हर जगह उसे ढूंढने लगता है—हर महफिल में, हर चेहरे में। और......
🛤️ सब कुछ छोड़कर निकला मुसाफ़िरमंजिल की तलाश में।
तेरी तलाश में छोड़ आया
वो घर, वो गलियाँ गाँव की।
मोहब्बत की तलाश में इंसान अपने आराम, अपने रिश्ते, यहाँ तक कि अपनी पहचान भी पीछे छोड़ देता है।
अब उसके पास सिर्फ एक “कोरा कागज और कलम” है—जिसमें वो अपने दर्द को उतारता रहता है।
🌫️ खामोशी और तन्हाई........
कभी धुआँ उठता था मेरे घर से,
अब आवाज भी दबी-दबी सी है।
यह लाइनें उस सन्नाटे को बयां करती हैं, जो किसी अपने के जाने के बाद दिल में बस जाता है।
अब न हंसी है, न बातें—बस एक खामोशी है जो हर वक्त साथ रहती है।
💔 खुद से भी दूर हो जाना.........
मुझे ये भी याद नहीं,
क्या है मेरा नाम?
जब दर्द हद से ज्यादा बढ़ जाता है, तो इंसान खुद को भी भूलने लगता है। उसकी पहचान, उसकी खुशी—सब कुछ खो जाता है।
🌅 उम्मीद अभी बाकी है.........
ना तुम मिले ना पता तेरा,
है उम्मीद मुझे, होगा कहीं ना कहीं तेरा बसेरा ।
यही उम्मीद है, जो इस मुसाफ़िर को चलाए जा रही है।
वो जानता है कि एक दिन उसे उसका महबूब मिलेगी—या कम से कम उसकी तलाश खत्म होगी।
🚶♂️ मुसाफ़िर की सीख.........
ये मुसाफ़िर चलता चला जा,
तेरी मंज़िल है जहाँ।
जिंदगी भी एक सफर है, और हम सब मुसाफ़िर ।
कभी रास्ते आसान होते हैं, कभी मुश्किल—लेकिन चलना तो पड़ता है।
💡 निष्कर्ष (Conclusion):
यह कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं है, बल्कि हर उस इंसान की है जिसने कभी किसी को चाहा है।
मोहब्बत हमें तोड़ती भी है और जोड़ती भी है।
और शायद, इसी टूटने और बंधने के बीच हम अपनी असली पहचान खो देते हैं या पा लेते हैं। #mohabbat #shayari #poetry #hindipoetry #love #sadshayari #emotional #writer #hindiblog #superindiastory #lifequotes #musafir #lovestory #dard #feelings #poem
💬 अपनी फीलिंग कमेंट में जरूर बताएं… आपने क्या महसूस किया?
धन्यवाद.............
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