देके जख्म निशानी ,
ये जान अब काहे एतना तू भाव करेलु ।
देके जख्म निशानी ,
खाली हमरे के बदनाम करेलु ।
लगाके रोग अइसन,
तू सुतेलु सुकून से ,
हम जागी ले रात दिन,
जहिया से बरसा के.. चेहरा के नूर ।
बनाके पागल काहे हमरा के काहे भूल गइलू ।
देके जख्म निशानी काहे हमरा से दुर गईलू ।
बहुत बारू बेरहम ,
तनको हमरा पर रहम न कईलू ।
लगा के दिल दोसरा से ,
काहे बेवफाई तू कइलू ,
देके जखम निशानी
खाली हमरे के बदनाम करेलु ।
ये जान अब काहे एतना तू भाव करेलु ।
बहुत मिलिहें तोहके ई जमाना में ।
ई दुनियाँ बहुँत बेगाना हवे ।
फिर कतहुँ ना पाईबू
हमरा जईसन दिवाना के ,
जा जा ये जान
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