"का करी ये विधाता।" भोजपुरी सॉन्ग
का करी ये विधाता ।
जिअलों ना जाता, मरलों ना जाता,
तू ही बताव, का करी ये विधाता?
रोज जिहीं हम, रोज मरी हम ले,
तोहर जुदाई के दर्द, हम हंस के सहिले ।
दर्द के बादल, छाइल बा घनेरे,
कोई ना पूछे, हाल दिलवा के मोरे।
मनवा के दियवा, बूझल जा रहल बा,
आस के पतंगवा, टूटल जा रहल बा।
का करीं, कइसे हाल कहीं हम,
राह ना सुझता, मोरा मनवा रोवे।
जिअलों ना जाता, मरलों ना जाता,
तू ही बताव, का करी ये विधाता?
तकदीर से हारे, दिलवा के मारे,
केहू ना सुनता, दर्द के इशारा।
राही अकेला, मनवा उदास भईल बाटे,
कोई ना संगवा, ना केहू सहारा।
बातें हजारों, दिलवा में बा भारी,
केहू ना देखे, हमरो लाचारी।
असरा के दीपवा, बुझाईल जहां में,
बेबसी के लहरिया, बहेला हवा में।
का करीं, कइसे सहीं,
सपना बिखरल,
रहिया अ नाहार।
जिअलों ना जाता, मरलों ना जाता,
तू ही बताव, का करी ये विधाता?
तकदीर से हारे, दिलवा के मारे,
कोई ना सुनता, दर्द के इशारा।
अब त बता द ऐ विधाता,
कब मिली मोरा नैया के किनारा?
ना हम जी सकी ले, ना मर सकिले,
बस अटकल बानी, अन्हरिया के सहारा...
जिअलों ना जाता, मरलों ना जाता,
तू ही बताव, का करी ये विधाता?
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